पुकार के लाया… 2 लाइन की शायरिया

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पुकार के लाया…

चल न उठके वहीं चुपके चुपके तू ऐ दिल, 
अभी उसकी गली से पुकार के लाया हूँ।

दिल सफर में है…

 तमाम लोगों को अपनी अपनी मंजिल मिल चुकी, 
कमबख्त हमारा दिल है, कि अब भी सफर में है।
 

दिल खो चुके…

दिलबर की दिल-लगी में
दिल अपना खो चुके हैं,
कल तक तो खुद के थे
आज आप के हो चुके हैं।

दिल की हक़ीक़त…

ना पूछ दिल की हक़ीक़त मगर ये कहता है,
कि वो बेक़रार रहे जिसने बेक़रार किया।
दिल की हक़ीक़त शायरी


न संभलेगा दिल…

आपको जाते हुए देख के न संभलेगा दिल,
उसको बातों में लगा लूँ तो चले जाईयेगा।
न संभलेगा दिल शायरी

तुम्हारा दिल…

तुम्हारा दिल मेरे दिल के बराबर हो नहीं सकता,
वो शीशा हो नहीं सकता ये पत्थर हो नहीं सकता।


दिल तुम्हारा हो गया…

हम ने सीने से लगाया दिल न अपना बन सका,
मुस्कुरा कर तुम ने देखा दिल तुम्हारा हो गया।

बेदिल ना समझें…

वो दिल लेकर हमें बेदिल ना समझें उनसे कह देना,
जो हैं मारे हुए नज़रों के उनकी हर नज़र दिल है।


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